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Thursday, December 9, 2010

सेक्स फैंटेसी का ओवरडोज


खबरिया चैनलों के सनसनी मार्का लहजे में कहें तो यह दुनिया कहने के लिए तो काल्पनिक है पर इसका नीला रंग उतना ही नीला या खतरनाक है जितना दिल्ली के पालिका बाजार में बिकने वाली किसी ब्लू फिल्म का। दरअसल हम बात कर रहे हैं 'हेंताई' की। हेंताई यानी बच्चों के लिए बनाए गए कामूक कार्टून किरदार या कथानक। हेंताई की दुनिया बच्चों के लिए तो जरूर है पर इस दुनिया ने जिस कदर भोंडी कामुकता के बाजार में वर्चस्व बढ़ाया है, वह अमेरिका जैसे कई शक्तिशाली देशों की चिंताएं भी बढ़ा रहा है। हेंताई की पूरी दुनिया में बढ़ी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गूगल सर्च पर हेंताई लिखते ही पलक झपकते ही करीब 5 करोड़ पन्ने हाजिर हो जाते हैं। इसमें तो कई ऐसे वेब ठिकाने हैं जहां विजिट करते ही कार्टून किरदारों की चपल कामुक क्रीड़ाएं शुरू हो जाती हैं।
बता दें कि हेंताई एक जापानी मूल का शब्द है। इसका मौजूदा अर्थ इसके मूल अर्थ से खासा भिन्न है। आज पूरी दुनिया में हेंताई का मतलब ऐसी एनिमेटेड सामग्री से लिया जाता है जो विकृत सेक्स किरदारों और कथानकों की काल्पनिक दुनिया से जुड़ा है।  हेंताई आज पोर्न मार्केट को लीड कर रहा है और इसका प्रसार जापान, चीन और अमेरिका में तो है ही भारत सहित कई एशियाई और यूरोपीय देश में भी इसका प्रसार तेजी से बढ़ रहा है। जापान में हेंताई को दो प्रमुख श्रेणियों में बांटकर देखा जाता है। ये श्रेणियां हैं यॉई और यूरी। याई के तहत होमोसेक्सुअल और यूरो के तहत हेट्रोसेक्सुअल एनिमेटेड फिक्शन या फैंटेसी आते हैं। साफ्ट पोर्न की कैटेगरी को एक्की कहते हैं। इसी तरह बाकूनयू कैटगरी में वैसे कार्टून किरदारों की कामुक क्रीड़ाएं और कथाएं शामिल की जाती हैं जिनके स्तन बड़े-बड़े होते हैं। इनसेक्ट एक और कैटेगरी है जिसमें एक ही घर या परिवार के सदस्यों के बीच के सेक्सुअल रिलेशन को बताया जाता है।
दिलचस्प है कि हेंताई की दुनिया चूंकि पूरी तरह काल्पनिक या वच्र्युअल है इसलिए यहां कुछ भी असंभव नहीं है। आमतौर पर जैसे बाकी कार्टून किरदारों की दुनिया में कोरी कल्पना से रोमांच और हास्य पैदा किया जाता है, वैसे ही यहां भी कई रंग-रूप और आकार के किरदारों के साथ घोस्ट और रोबोट तक कहानी का हिस्सेदार होते हैं। अलबत्ता यह जरूर है कि विषयवस्तु चूंकि सेक्स आधारित है इसलिए कल्पना और फैंटेसी की सारी उड़ान की परिणति आखिरकार एक तरह की क्रूरता और फूहड़ता में होती है। यहां कुछ भी असंभव नहीं है। आपको कभी अलग-अलग प्रकृति और आकार के किरदारों के यौन संसर्ग देखने को मिलेंगे तो कभी जननांगों के अस्वाभाविक रूप आपको इस दुनिया की विचित्रता से अवगत कराएंगे। 
शोध अध्ययनों में यह बताया गया है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद से हेंताई को एनिमेटेड सेक्सुआल फेंटैसी के रूप में भुनाने में बाजार की कई ताकतें सक्रिय हुईं। आज हेंताई का विश्व बाजार अरबों डॉलर का है और यह कॉमिक बुक, एनिमेटेड फिल्म से लेकर खिलौनों और कंप्यूटर व मोबाइल वालपेपर और स्क्रीन सेवर तक कई रूपों में अपने चाहने वालों की संख्या बढ़ा रहा है। भारत में हेंताई का चलन अभी नया है। पर इंटरनेट ने इसकी पहुंच के दरवाजे जिस तरह खोले हैं, उससे इस खतरे के बढ़ने के आसार कितने ज्यादा हैं, यह समझा जा सकता है। हेंताई की लोकप्रियता के पीछे एक बड़ी वजह इसका रियल की जगह वच्र्युअल होना है। इसके वच्र्युअल होने के कारण पोर्न मैटेरियल के रूप में इसका इस्तेमाल करने वालों को कोई गिल्टी भी नहीं होती है। और यही कारण है कि हेंताई को पसंद करने वालों में बच्चों-किशोरों के साथ बड़ी तादाद में व्यस्क भी शामिल हैं।
बहरहाल, इतना तो साफ है कि बाजार के वर्चस्व के दौर में इस खतरे को कोई नहीं समझ रहा है कि विशुद्ध कामुकता का यह ओवरडोज हमारे बच्चों के साथ किशोरों और युबाओं के विकास को कितना और किस-किस स्तर पर प्रभावित करेगी।

4 comments:

  1. aapki chinta vaajib hai.....vichaarneey...badhiya post.

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  2. नूतन व रोचक जानकारी...

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  3. shukria...mitron,,,itni twarit pratikriya ke lia...

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  4. रोचक जानकारी...!

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