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Sunday, September 4, 2011

दस हजार पार 'पूरबिया'


2009 के मई-जून में
जब सफर शुरू किया था 'पूरबिया' का
तो अंदाजा नहीं था
कि सफर इतना रोचक होगा
और समय के साथ
यह मेरी पहचान बन जाएगा

अब जबकि पूरबिया को
दस हजार से ज्यादा हिट
हासिल हो चुके हैं
लोगों की इस सफलता पर
शुभकामनाएं मिल रही हैं
तो अभिभूत हूं यह देखकर
कि लोग एक अक्षर यात्रा के जारी रहने को
हमारे समय की एक बड़ी घटना मानते हैं

विचार, कविता, टिप्पणी
ये सब वे बहाने हैं
जो चेतना को बचाए रखने के लिए
नए दौर में एक जरूरी कार्रवाई बन गयी है
'पूरबिया' मेरे लिए
और कुछ मेरे जैसों के लिए
ऐसी ही एक कार्रवाई है

इस कार्रवाई को मिले समर्थन
सहयोग के लिए
सभी साथियों...साथिनों का आभार
पूरबिया आगे भी बहती रहेगी
अपनी महक
अपने तेवर 
अपने सरोकारों के साथ
आपके बीच
आपके साथ 

3 comments:

  1. दस हज़ारी बनने की बहुत बहुत बधाई, जल्दी ही लखपति बनिए...

    जय हिंद...

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  2. यूं ही बहती रहे पुरबिया , लखपति फिर करोडपति आपके आगोश में हों बधाई

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