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Monday, August 16, 2010

वफादार प्रेमियों का टूटा मिथक



दढ़ियल पांडेय जी की प्रेमिका
चिकने बांके द्विवेदी की जांघ पर कल दोपहर बेसुध मिली
खबर यह इतनी बड़ी कि
दंगों के दौरान पैदा होने वाली सनसनी भी
खोलने लगी आंचल की पुरानी गांठ

ठाकुर साहब की पूर्व ब्याहता
खिड़की के रास्ते दाखिल होकर
आवारा कुमार के संग एक ही तकिए पर भिगोती रही रात
झूलती रही झूला कई सालों तक एक साथ
सचाई यह इतनी बड़ी कि
तथ्य से बड़े सच की तरह
करने लगे सब मन मसोसकर स्वीकार

प्रेमिका का प्रेम ज्यादा बदला
प्रेमियों के नामों के मुकाबले
प्रेम के बहाने स्त्री अनुभूति का नया प्रस्थान बिंदु
कितना सघन कितना सिंधु
रिक्शे पर भाग-भागकर
पुराने प्रेम की गलियों को छोड़ना पीछे
बाइक उड़ा रहे प्रेमी के साथ भरना उड़ान
सपनों से भी आगे क्षितिज के भी पार
नए प्रेम पयर्टन का रोड मैप है
सफर की इस जल्दबाजी में
जो छूट गया पीछे
वह कुछ और नहीं
बस जेनरेशन गैप है

प्रेम एक अनुभव
एक अंतराल
लगातार और दूर तक बजता जलतरंग है
एतराज सिर्फ उन्हें जिनके नाखूनों से
छूटने लगे मांसल एहसास

गन्ने के खेत को जो लोग
गुड़-चीनी बनते देखने के हैं आदी
उनके लिए प्रेम होता है हमेशा रंगीन आख्यान
दांत कटे होठों से अश्लील शर्बत का पान

प्रेमिकाएं अब बांदी नहीं
पुरुष एहसास के जंगलों को
मनमाफिक झकझोर देनेवाली आंधी हंै
शर्मिंदगी का ऐनक चमकाकर
नहीं मिटाया जा सकता
उनकी आंखों के तीखेपन को काढ़ने वाला काजल

प्रेम का रंग सिंदूरी नहीं अबीरी है
सौभाग्यवतियों के देश में
पंडितों ने बांचा है नया फलादेश
तीज-करवा के चांद का मुंह है टेढ़ा
यह सीधी समझ बहुत दूर निकल गई
बर्फ की तरह जमी सदियों की प्रेम अनुभूति
आइसक्रीम की तरह पिघल रही

वफा से ज्यादा अनुभव का घाटा-मुनाफा
बटोरने में हर्ज क्या है
जब बाजार ने कर ही रखा है घोषित
स्त्री को देह और प्रेम को नए दौर का सबसे बड़ा संदेह
अब रोती-बिसूरती प्रेमिकाओं के सदाबहार गीत
आकाशवाणी बनकर नहीं फूटेंगे
नहीं टपकेगी रात किसी वियोगिनी की आंख से
नहीं महकेगी सांस किसी प्रिय की विदाई-आगमन से
बेवफा प्रेमिकाओं ने
वफादार प्रेमियों का मिथक तोड़ दिया है


16.08.10










16.08.10

3 comments:

  1. dainik akhabar ki ratri duty ke baad bhi itnee ahchchi kavita likhna vastava me aap badhai ke patra hain

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  2. ...vajpayee ji...bdhai ke »lia aabhar.

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  3. pdhkr acha lga...kai chitr...kai baat...sunder shabd...achi kavita..khub

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